वाहन हैं, जरूरत है, लेकिन स्थानीय सुविधा नहीं; गैस भरवाने के लिए कन्नौद की ओर जाना बन रही मजबूरी
तेजाराम साहू खातेगांव। खातेगांव में विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़ा हो रहा है। पहले टोल टैक्स को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं और मांगें सामने आती रहीं, अब सीएनजी पंप की सुविधा नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह है कि खातेगांव के लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर क्यों रहना पड़े?
क्षेत्र में सीएनजी से चलने वाले चार पहिया वाहन हैं, लेकिन खातेगांव में ही गैस भरवाने की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से वाहन चालकों को कन्नौद की ओर जाना पड़ता है। इस दौरान अतिरिक्त दूरी तय करने, वाहन चलाने में ईंधन खर्च करने और रास्ते में टोल टैक्स देने जैसी परेशानियां सामने आती हैं। यदि पंप पर गैस उपलब्ध नहीं हो, तो परेशानी और बढ़ जाती है।
सवाल सिर्फ CNG पंप का नहीं, सुविधा और विकास का भी है
खातेगांव क्षेत्र के लोग चाहते हैं कि उनके शहर में भी ऐसी जरूरी सुविधाओं का विस्तार हो, जिससे समय और पैसे की बचत हो सके। सीएनजी पंप जैसी सुविधा के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना स्थानीय स्तर पर सुविधा विस्तार की जरूरत को सामने लाता है। हालांकि, पंप स्थापित करने के लिए संभावित मांग, व्यावसायिक व्यवहार्यता और संबंधित कंपनी की योजना का आकलन भी जरूरी है।
टोल टैक्स से जुड़े मुद्दों पर पहले भी चर्चा होती रही है। अब सीएनजी पंप का सवाल सामने है। ऐसे में संबंधित विभागों और गैस कंपनियों को यह देखना चाहिए कि खातेगांव में सीएनजी पंप स्थापित करने की कितनी संभावना है और इसके लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
खातेगांव की जरूरतों पर ध्यान कब जाएगा?
किसी भी क्षेत्र का विकास केवल बड़ी घोषणाओं से नहीं, बल्कि आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान से भी दिखाई देता है। खातेगांव में सीएनजी पंप की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में पहल होती है, तो इससे स्थानीय वाहन चालकों को राहत मिल सकती है।
अब सवाल यही है कि खातेगांव में सीएनजी पंप की सुविधा कब उपलब्ध होगी और क्या संबंधित जिम्मेदार इस जरूरत पर गंभीरता से विचार करेंगे?

