गरज-चमक के साथ बौछारें, 30 से 40 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं; लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
तेजाराम साहू भोपाल | मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई का दौर शुरू होने के बावजूद मौसम पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। सितंबर के अंतिम दिनों में एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। 28 सितंबर को नर्मदापुरम, देवास, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, सीहोर, हरदा, खंडवा, खरगोन, धार, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना और अशोकनगर सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
नर्मदापुरम से देवास-उज्जैन तक मौसम पर नजर
प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम के बदलते मिजाज का असर दिखाई दे सकता है। नर्मदापुरम, देवास, उज्जैन और इंदौर सहित आसपास के क्षेत्रों में बादल छाने के साथ स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में बारिश के दौरान तेज हवाओं के झोंके भी चलने की संभावना है। मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है।
40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए। खासकर किसान, दोपहिया वाहन चालक और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को मौसम खराब होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
अगले दिनों में भी जारी रह सकता है मौसम का बदलाव
मानसून अब धीरे-धीरे विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन विदाई से पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इसका असर हर जिले में एक जैसा नहीं रहेगा। कहीं हल्की बारिश तो कहीं गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इसलिए जिलेवार मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
बारिश और बिजली के दौरान सावधानी जरूरी
मौसम खराब होने पर लोगों को पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास और खुले मैदानों में खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को बारिश और तेज हवा के दौरान गति नियंत्रित रखने की जरूरत है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय गरज-चमक या आकाशीय बिजली की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है।


