सेवा आश्रम के तत्वावधान में नाभि तीर्थ नेमावर में हुआ 51 हजार दीपों का महादीपदान
नाभि तीर्थ क्षेत्र नेमावर में 51 हजार दीपों से सजा आस्था का महासागर, विशाल भंडारे में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
तेजाराम साहू खातेगांव। सेवा आश्रम खातेगांव के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक एवं आध्यात्मिक महोत्सव का समापन भक्ति, श्रद्धा और जनसेवा के अनुपम वातावरण में हुआ। आयोजन की शुरुआत 22 मई को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसके पश्चात 22 से 28 मई तक सात दिवसीय वैदिक हवन का आयोजन संपन्न हुआ। 28 मई को पूर्णाहुति के बाद 30 मई को पावन नाभि तीर्थ नेमावर में 51 हजार मिट्टी के दीपकों से महादीपदान किया गया।
दीपों की अलौकिक आभा से संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र जगमगा उठा और श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, मानव कल्याण तथा सुख-समृद्धि की कामना के साथ दीप अर्पित किए। वहीं 2 जून को राघवेंद्र सरकार के स्थापना दिवस पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। इस अवसर पर हमारे संवाददाता पत्रकार तेजाराम साहू से चर्चा करते हुए श्री 108 श्री शिव शंकर गुरुजी महाराज ने बताया कि कोरोना महामारी से मुक्ति एवं विश्व कल्याण की भावना को लेकर वर्ष 2021 में इस दीपदान महाअभियान की शुरुआत की गई थी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में 51 हजार, 2022 में 1 लाख 25 हजार, 2023 में 2 लाख 51 हजार दीपों का दीपदान किया गया, जिसमें 47 क्विंटल आटे से विशेष दीपक तैयार किए गए थे। इसके बाद 2024 और 2025 में 1 लाख 25 हजार-1 लाख 25 हजार तथा वर्ष 2026 में 51 हजार मिट्टी के दीपकों से महादीपदान संपन्न हुआ। गुरुजी महाराज ने बताया कि आश्रम में आयोजित सभी धार्मिक, आध्यात्मिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का संपूर्ण व्यय उनके तत्वावधान में किया जाता है। आयोजन में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इसे आस्था के विराट उत्सव का स्वरूप प्रदान किया। दीपों की दिव्य रोशनी, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तों की अपार श्रद्धा ने पूरे आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।

