भोपाल। चर्चित एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई जांच लगातार तेज होती जा रही है। शुक्रवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह तथा पति समर्थ सिंह को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। अदालत ने दोनों आरोपियों को पांच-पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
सीबीआई की ओर से अदालत में कहा गया कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जरूरी है। आरोपी पक्ष की ओर से रिमांड का विरोध नहीं किया गया, जिसके बाद स्पेशल कोर्ट की जज शोभना भलावे ने रिमांड मंजूर कर ली। इससे पहले समर्थ सिंह सात दिन की सीबीआई रिमांड पर रह चुका था।
सूत्रों के मुताबिक, अब जांच एजेंसी दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। सीबीआई यह जानने की कोशिश करेगी कि घटना के पहले और बाद में क्या परिस्थितियां थीं तथा समर्थ सिंह फरारी के दौरान किन लोगों के संपर्क में था।
जांच में आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। सीबीआई अब “टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन” तकनीक के जरिए ट्विशा शर्मा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-दर-मिनट समझना है।
सीबीआई की टीम डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का गहन परीक्षण कर रही है। जांच एजेंसी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, इंटरनेट गतिविधियों, वाई-फाई लॉग और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है। इसके आधार पर ट्विशा के घर के भीतर मूवमेंट का डिजिटल ट्रैक तैयार किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी तीन मंजिला मकान के भीतर ट्विशा की आखिरी लोकेशन, उसके संपर्कों और घर में मौजूद लोगों की गतिविधियों का क्रम तैयार कर रही है। कैमरों के टाइमस्टैंप और मोबाइल एक्टिविटी का मिलान कर एक वर्चुअल वॉकथ्रू बनाया जा रहा है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले और बाद में क्या-क्या हुआ।
सीबीआई को शुरुआती जांच में ऐसे संकेत भी मिले हैं, जिनसे घटनास्थल पर सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई है। इसी आधार पर जांच एजेंसी अब हर डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य को बारीकी से खंगाल रही है।
गौरतलब है कि 28 मई की सुबह सीबीआई की टीम गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। करीब सात घंटे तक चली पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 25 मई की रात इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई थी।
जांच में आर्थिक प्रताड़ना का पहलू भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, ट्विशा शर्मा ने कई कंपनियों में लगभग 20 लाख रुपए के शेयर निवेश किए थे। आरोप है कि पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह उन शेयरों को अपने नाम कराने के लिए ट्विशा पर दबाव बना रहे थे।
ट्विशा के वकील अंकुर पांडे के मुताबिक, शादी के बाद जब ट्विशा वियतनाम यात्रा से लौटी, तब परिवार को उसके निवेश की जानकारी मिली। इसके बाद कथित रूप से उस पर आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ा दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बातचीत में दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत की थी। उसने बताया था कि पति और सास बच्चे को लेकर भी उसे मानसिक रूप से परेशान करते थे।
अब पूरे मामले में सीबीआई की नजर डिजिटल सबूतों, आरोपियों के बयानों और घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
