हमीदिया अस्पताल में अमानवीय लापरवाही: मॉर्च्युरी के बाहर स्ट्रेचर पर शव का पोस्टमॉर्टम

SANDEEP SAHU
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भोपाल। राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल से मानव संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मॉर्च्युरी (शवगृह) के बाहर खुले रास्ते पर स्ट्रेचर पर ही एक शव का पोस्टमॉर्टम कर दिया गया। इस दौरान अस्पताल परिसर में लोगों की आवाजाही लगातार जारी रही और मौजूद लोग पूरी घटना को देखते रहे।

जानकारी के अनुसार बजरिया थाना क्षेत्र से पुलिस एक अज्ञात व्यक्ति का शव पोस्टमॉर्टम के लिए हमीदिया अस्पताल लेकर पहुंची थी। शव की पहचान नहीं हो पाई थी। आरोप है कि शव को मॉर्च्युरी के अंदर ले जाने के बजाय बाहर जाने वाले रास्ते पर ही स्ट्रेचर पर रख दिया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने खुले में ही शव का पोस्टमॉर्टम शुरू कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक डॉक्टरों ने छेनी और हथौड़ी की मदद से शव की खोपड़ी खोली। इस दौरान वहां मौजूद मरीजों के परिजन, राहगीर और अन्य लोग पूरी प्रक्रिया देखते रहे। कुछ देर बाद जब शव से तेज बदबू फैलने लगी तो लोग वहां से दूर हटने लगे।

सबसे गंभीर बात यह रही कि पोस्टमॉर्टम के दौरान वहां किसी प्रकार का पर्दा, शेड या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं थी। जिस स्थान पर यह प्रक्रिया की गई, वहां से अस्पताल में आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही भी जारी रही।

मामले को लेकर गांधी मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विभाग के एचओडी डॉ. आशीष जैन ने कहा कि कुछ विशेष परिस्थितियों में शवों का पोस्टमॉर्टम मॉर्च्युरी के बाहर बने शेड वाले क्षेत्र में किया जाता है, जबकि सामान्य पोस्टमॉर्टम अंदर ही किए जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि खुले क्षेत्र में केवल शवों की सफाई या कीड़े हटाने का काम होता है।

हालांकि सामने आए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि डॉक्टर स्ट्रेचर पर ही शव का पोस्टमॉर्टम कर रहे हैं। शव को भी मॉर्च्युरी के मुख्य रास्ते पर खुले में रखा गया था, जहां से लगातार लोगों का आना-जाना हो रहा था।

घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह खुले में पोस्टमॉर्टम करना न केवल अमानवीय है, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल का भी खुला उल्लंघन है।

अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

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