आपदा प्रबंधन की बड़ी मॉकड्रिल आज, प्रशासन ने कहा- घबराएं नहीं, यह केवल अभ्यास
भोपाल। आज बड़े स्तर पर आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल आयोजित की जाएगी। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से होने वाले इस विशेष अभ्यास का उद्देश्य शहर की आपातकालीन तैयारियों को परखना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना है।
प्रशासन के मुताबिक मॉकड्रिल पूरी तरह पूर्व नियोजित है और इसका किसी वास्तविक आपदा या खतरे से कोई संबंध नहीं है। इस दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में सायरन बज सकते हैं। साथ ही एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य राहत एवं बचाव दलों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दिखाई देगी।
मॉकड्रिल के दौरान कई स्थानों पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, राहत कार्य, घायलों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास और आपातकालीन प्रतिक्रिया से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जाएंगी। प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी संभावित प्राकृतिक या मानवजनित आपदा की स्थिति में सभी विभाग तेजी और समन्वय के साथ काम कर सकें।
लोगों से अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम की स्थिति से बचें। यदि शहर में अचानक सायरन सुनाई दें या बड़ी संख्या में आपातकालीन वाहन दौड़ते नजर आएं तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। यह केवल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन से जुड़ा अभ्यास है।
प्रशासन ने कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा न करें, क्योंकि इससे अनावश्यक दहशत फैल सकती है। लोगों से यह भी कहा गया है कि मॉकड्रिल के दौरान यदि प्रशासन या राहत एजेंसियों की ओर से कोई निर्देश दिए जाएं तो उनका पालन करें और सहयोग बनाए रखें।
आपदा से निपटने की क्षमता होगी मजबूत
अधिकारियों के अनुसार इस तरह की मॉकड्रिल भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटने में मदद करती है। इससे प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, फायर ब्रिगेड और बचाव एजेंसियों की तैयारी का आकलन होता है और कमियों को सुधारने का अवसर मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बदलते मौसम के दौर में आपदा प्रबंधन की तैयारियां बेहद जरूरी हो गई हैं। ऐसे अभ्यास न केवल सरकारी एजेंसियों को तैयार करते हैं बल्कि आम नागरिकों में भी जागरूकता बढ़ाते हैं।
प्रशासन ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि शहर में होने वाली सभी गतिविधियां केवल प्रशिक्षण का हिस्सा हैं और आमजन को पूरी तरह शांत एवं सतर्क रहने की आवश्यकता है।
