5 जिलों में रेड अलर्ट, 28 मई से प्री-मानसून की दस्तक के संकेत
भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत इस बार तेज गर्मी के साथ आंधी और बारिश के मिले-जुले मौसम से हुई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है और 45 शहर हीटवेव की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 मई से प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। इस दौरान उत्तर और दक्षिण मध्यप्रदेश के करीब 14 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि अगले तीन दिन तक प्रदेश में गर्मी और लू का प्रकोप बना रहेगा।
खजुराहो बना सबसे गर्म शहर
Khajuraho और नौगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर बने हुए हैं। खजुराहो में सोमवार को तापमान रिकॉर्ड 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। वहीं नौगांव में पारा 46.8 डिग्री तक पहुंच गया।
इसके अलावा दतिया में 45.6 डिग्री, मंडला में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.3 डिग्री, मलाजखंड में 45 डिग्री और सतना में 44.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दमोह और रीवा में 44.6 डिग्री, राजगढ़ में 44.5 डिग्री तथा गुना में 44.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
बड़े शहरों में भी गर्मी का असर
राजधानी Bhopal में सोमवार को हल्की बूंदाबांदी जरूर हुई, लेकिन उमस और गर्मी से राहत नहीं मिली। भोपाल का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
Gwalior में सबसे अधिक 44 डिग्री तापमान रहा। Indore में 41.4 डिग्री, Ujjain में 41.8 डिग्री और Jabalpur में 43.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
28 मई से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी हिस्से से गुजर रहे ट्रफ और बदलते सिस्टम के कारण 28 मई को ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है।
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गर्म हवाओं और लू का असर बना रहेगा। खासतौर पर बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है।
नौतपा में सेहत का रखें खास ध्यान
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अधिक पानी पीने, हल्का भोजन करने और शरीर को हाइड्रेट रखने पर जोर दिया गया है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
डॉक्टरों के मुताबिक लगातार बढ़ती गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मामलों में तेजी आ सकती है। इसलिए तेज धूप में लंबे समय तक रहने से बचना जरूरी है।
भोपाल में नौतपा के दौरान बारिश का रिकॉर्ड
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार भोपाल में पिछले 14 वर्षों में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज की गई है, जबकि 2 बार बूंदाबांदी हुई थी। इस बार भी नौतपा की शुरुआत बूंदाबांदी के साथ हुई है। इससे पहले 2018 और 2019 में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई थी, जब औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।
प्रदेश में फिलहाल भीषण गर्मी और बदलते मौसम का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
