प्रेग्नेंसी के बाद बढ़े विवाद, दिल्ली जाने को लेकर हुआ तनाव; CBI ने संभाली जांच
भोपाल। मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। अब इस हाईप्रोफाइल केस की जांच Central Bureau of Investigation यानी सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है। सोमवार को सीबीआई ने भोपाल पुलिस से केस डायरी और सभी जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर नई एफआईआर दर्ज की। इसी बीच पुलिस रिमांड पर चल रहे ट्विशा के पति समर्थ सिंह से पूछताछ में कई अहम बातें सामने आई हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार समर्थ सिंह फिलहाल सात दिन की रिमांड पर है और लगातार उससे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में समर्थ ने वही बातें दोहराई हैं, जो शुरुआत से उसकी मां और पूर्व जज गिरिबाला सिंह कहती रही हैं। समर्थ ने ट्विशा के व्यवहार में बदलाव और उनके ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़े करियर को विवाद की बड़ी वजह बताया है।
“शुरुआत में सब सामान्य था”
समर्थ ने पुलिस को बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के रिश्ते सामान्य और अच्छे थे। लेकिन 17 अप्रैल को ट्विशा की प्रेग्नेंसी का पता चलने के बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा।
समर्थ के मुताबिक ट्विशा मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया से जुड़ी थीं और वह खुद को एक सामान्य घरेलू जीवन में सहज महसूस नहीं कर पा रही थीं। पूछताछ में उसने दावा किया कि ट्विशा अक्सर कहती थीं कि वह “साधारण गृहस्थ जीवन” नहीं जी सकतीं। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लगातार बहस होने लगी थी।
बिना बताए दिल्ली जाने से बढ़ा विवाद
पूछताछ के दौरान समर्थ ने अप्रैल महीने की एक घटना का भी जिक्र किया। उसने बताया कि दोनों को एक साथ बेंगलुरु जाना था, लेकिन आखिरी समय में ट्विशा ने जाने से इनकार कर दिया और कहा कि वह अपने भाई के पास अजमेर जा रही हैं।
समर्थ के अनुसार वह अकेले बेंगलुरु चला गया, जबकि ट्विशा अजमेर के लिए रवाना हुईं। बाद में उसे पता चला कि ट्विशा अजमेर में सिर्फ एक दिन रुकीं और फिर बिना बताए दिल्ली चली गईं। इस बात को लेकर दोनों के बीच गंभीर विवाद हुआ था।
मौत वाली रात क्या हुआ?
12 मई की रात की घटनाओं को लेकर समर्थ ने पुलिस को जो जानकारी दी, वह अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन गई है। समर्थ के मुताबिक उस रात सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था।
उसने बताया कि रात में दोनों ने साथ खाना खाया, कुछ देर सोसाइटी के पार्क में टहले और फिर घर लौटकर टीवी देखा। इसके बाद वह सोने चला गया, जबकि ट्विशा नीचे जाकर अपने परिजनों से फोन पर बात करने लगीं।
समर्थ ने दावा किया कि देर रात उसकी मां गिरिबाला सिंह ने उसे जगाया और कहा कि ट्विशा की मां का फोन आया है, क्योंकि ट्विशा फोन नहीं उठा रही थीं। इसके बाद जब उन्होंने घर में तलाश शुरू की तो ट्विशा छत पर फंदे से लटकी मिलीं।
समर्थ का कहना है कि उसने और उसकी मां ने मिलकर ट्विशा को नीचे उतारा, CPR देने की कोशिश की और तुरंत All India Institute of Medical Sciences लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद एक हफ्ते तक फरार रहा समर्थ
मामले में सबसे बड़ा सवाल घटना के बाद समर्थ के गायब होने को लेकर उठ रहा है। पुलिस पूछताछ में समर्थ ने स्वीकार किया कि वह करीब एक सप्ताह तक Jabalpur में छिपा रहा।
उसने पुलिस को बताया कि गिरफ्तारी के डर से उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद कर दिया था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। हालांकि उसने यह नहीं बताया कि फरारी के दौरान उसे किसने पनाह दी और किसने मदद की।
अब सीबीआई और भोपाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरारी के दौरान समर्थ किन लोगों के संपर्क में था।
दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोप
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि ट्विशा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और दहेज के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
इसी आधार पर भोपाल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) (दहेज मृत्यु), 85 (क्रूरता) और 3(5) (साझा इरादा) के साथ दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में सीबीआई ने भी इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
दूसरी ओर ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा ड्रग्स की लत से परेशान थीं और मानसिक तनाव में थीं।
दोबारा पोस्टमॉर्टम और सुप्रीम कोर्ट की दखल
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर ट्विशा का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया। 24 मई को भोपाल एम्स में दिल्ली एम्स की विशेषज्ञ टीम ने शव का री-पोस्टमॉर्टम किया।
इधर Supreme Court of India ने भी मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि एक महिला की असामयिक मौत बेहद गंभीर विषय है और सच्चाई सामने आना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने जांच प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में अफवाहों और अटकलों से बचना चाहिए।
अब पूरे मामले की दिशा सीबीआई जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर निर्भर मानी जा रही है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक इस केस पर हर किसी की नजर टिकी हुई है।
