धीरज साहू ,सीहोर। धनतेरस के पावन अवसर पर आयुर्वेद के जनक भगवान धनवंतरी के प्रत्यक्ष स्वरूप माने जाने वाले नगर के प्रतिष्ठित चिकित्सकों का शहरवासियों ने भावभीना सम्मान किया। नागरिकों ने चिकित्सकों का वंदन कर उनसे उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु का आशीष प्राप्त किया और धनवंतरी तेरस की मंगलकामनाएं भेंट कीं।
वरिष्ठ व युवा चिकित्सकों का भावभीना अभिनंदन
डॉ. बी. के. चतुर्वेदी के निवास पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. बी. के. चतुर्वेदी, डॉ. एल. एन. नामदेव, डॉ. आर. के. खरे एवं युवा चिकित्सक डॉ. गगन नामदेव का नागरिक अभिनंदन किया गया। आयोजकों ने सभी चिकित्सकों को कुंकुम-अक्षत का मंगल तिलक लगाया और पुष्पमाला व उपरना पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। उपस्थित नागरिकों ने चिकित्सकों के चरण स्पर्श कर स्वास्थ्य का आशीष लिया, जिसके प्रतिउत्तर में चिकित्सकों ने स्नेह स्वरूप आवश्यक औषधियों का वितरण किया।
'वर्तमान युग के धनवंतरी का वंदन ही सच्ची आराधना'
कार्यक्रम संयोजक आनंद गांधी ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शास्त्रों में चिकित्सकों को भगवान धनवंतरी का प्रत्यक्ष रूप माना गया है। धनतेरस के दिन धरती के इन साक्षात जीवनदाताओं का सम्मान करना और उनका आशीर्वाद लेना समाज के लिए प्रेरणादायी है।
कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित डॉ. सरला वी. के. चतुर्वेदी ने इस आयोजन को एक अनुकरणीय व मानवीय परंपरा बताते हुए अपने अनुभव साझा किए। वहीं वरिष्ठ समाजसेवी कमल झंवर ने 'पहला सुख निरोगी काया' का संदेश देते हुए कहा कि दीपावली पर्व की शुरुआत ही स्वास्थ्य के देव की पूजा से होती है, क्योंकि शरीर स्वस्थ रहेगा तभी जीवन में सच्ची खुशहाली आएगी।
आयोजन में गणमान्य जन रहे उपस्थित
इस अवसर पर भाजपा नेता आशीष पचौरी, समाजसेवी आशीष गुप्ता, एल्डरमेन राजेश परिहार, कमलेश शर्मा, रवि ठकराल, पवन गुप्ता, उमाशंकर माहेश्वरी तथा शरद माहेश्वरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
