80 बच्चों ने तैयार कीं फलदार पौधों की सीड बॉल
तेजाराम साहू खातेगांव। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम काकड़कुई, निवारदी एवं पलासी में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। तीनों गांवों के करीब 80 बच्चों ने मिलकर फलदार पौधों की बीज गेंद (सीड बॉल) तैयार कीं और क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ बढ़ती गर्मी, पर्यावरण असंतुलन और जीव-जंतुओं की घटती संख्या जैसे विषयों पर चर्चा की गई। बच्चों ने अपने घरों से आम, नीम, संतरा, सीताफल, जामुन और चीकू के बीज एकत्र किए। इसके बाद गोबर खाद, मिट्टी, गौमूत्र, राख और पानी के मिश्रण से बीज गेंदों का निर्माण किया गया।
बच्चों को बताया गया कि तैयार की गई बीज गेंदों को छाया में सुखाने के बाद वर्षा ऋतु में जंगलों, तालाबों के किनारों और अन्य नमीयुक्त स्थानों पर डाला जाएगा। इससे अधिक संख्या में पौधे विकसित होंगे और क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी। बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए प्लास्टिक एवं पॉलीथिन का उपयोग कम करने, कपड़े की थैली अपनाने और प्रकृति संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर योगेश मालवीया, अंजली भलावी, ज्योति उईके, सीता, रूपा ईवने, स्वाति, रोशनी, शिवानी शिवरे एवं रेशमा सहित अन्य सहयोगियों ने बच्चों का मार्गदर्शन किया और उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।
उल्लेखनीय है कि आदिवासी अंचलों में योगेश मालवीया पिछले दो वर्षों से फलदार पौधों के बीजों का संकलन, पौध वितरण तथा बीज गेंद निर्माण के माध्यम से वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं। उनके प्रयासों से क्षेत्र के कई गांवों में पर्यावरण संरक्षण और फलदार वृक्षों के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा स्थानीय स्तर पर हरियाली बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक पहल देखने को मिल रही है।
