धीरज साहू, सीहोर। सरगम के साथी क्लब के तत्वावधान में आयोजित आशा भोंसले जी को समर्पित संगीत संध्या में सुरों की मधुर सरिता बही। कार्यक्रम में सीहोर,आष्टा,भोपाल एवं इंदौर के गायक एवं गायिकाओं ने स्वर कोकिला आशा भोंसले द्वारा गाए गए लोकप्रिय गीतों की शानदार प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं का मन मोह लिया।संगीत प्रेमियों से खचाखच भरे सभागार में कलाकारों ने आशा भोंसले के सदाबहार गीतों को अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से तोरा मन दर्पण कहलाए,आओ हुजूर,मन क्यों बहका रे आधी रात को, चेहरे से जरा आंचल, जाइए आप कहां जाएंगे, कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता, ये रातें ये मौसम नदी का किनारा,जाने जहां ढूंढता फिर रहा तुझे रात दिन, रात के हमसफर,जब छाए तेरा जादू,दम मारो दम सहित कई बेहतरीन गीतों की प्रस्तुति हुई।
कार्यक्रम की विशेष अतिथि अरुणा राय ने भी आशा जी के दो मधुर गीतों को आवाज दी , जिनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम के आयोजक राजेश काशिव एवं सीमा जोशी द्वारा अतिथियों का स्वागत किया एवं गीत गा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।कार्यक्रम का सफल एवं आकर्षक संचालन प्रदीप नागिया ने किया। संगीतमय कार्यक्रम में कलाकारों और श्रोताओं के बीच पूरे समय उत्साह का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुरी जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके गाये गीत 'दिल ने फिर याद किया ' को भी प्रस्तुत किया।
संगीत संध्या के अंत में आयोजकों ने सभी कलाकारों, अतिथियों एवं संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने आशा भोंसले के अमर गीतों की मधुर स्मृतियों को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
अगला संगीत भरी संध्या का आयोजन 31 जुलाई की भी आयोजकों द्वारा घोषणा हुई
