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भोपाल। सनातन धर्म में भी पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) को आत्म-शुद्धि, जप, तप और ईश-आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। भोपाल के एम.पी. नगर स्थित रणथंभौर कॉम्प्लेक्स में सनातन धर्म की अविरल गंगा बह रही है। यहाँ आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, अलौकिक भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। सनातन संस्कृति के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा को प्रदर्शित कर रहा था।
सनातन परंपरा में अपने पूर्वजों का स्मरण और उनके निमित्त धार्मिक कार्य करना परम कल्याणकारी माना गया है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए आयोजक विजेंद्र साहू एवं आवेश साहू ने अपने पूर्वजों की पवित्र स्मृति में इस कथा का भव्य आयोजन किया है। उन्होंने पत्रकार संतोष राज को बताया कि 22 मई से 28 मई तक चलने वाले इस ज्ञान यज्ञ में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं तथा अपनी आत्मा को कृतार्थ कर रहे हैं। कथा व्यास पीठ पर विराजमान सुप्रसिद्ध कथा वाचक आचार्य श्री हरिओम महाराज जी ने सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं मनमोहक वर्णन किया।
महाराज जी ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक यदा यदा ही धर्मस्य का भावार्थ समझाते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अत्याचार, अनाचार और अधर्म बढ़ने लगता है, तब-तब सनातन धर्म की रक्षा, मानव कल्याण और दुष्टों के संहार के लिए सर्वेश्वर भगवान विष्णु स्वयं सगुण रूप में अवतार लेते हैं। उन्होंने माता देवकी और वासुदेव जी की कारागार की मर्मस्पर्शी पीड़ा, कंस के आतंक और विपरीत परिस्थितियों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्राकट्य का ऐसा सजीव और ओजस्वी चित्रण किया कि उपस्थित श्रद्धालुओं की आँखें सजल हो उठीं और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जैसे ही कथा में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य (जन्म) का पावन प्रसंग आया, वैसे ही पूरा पांडाल मानो गोकुल धाम में परिवर्तित हो गया।
चारों ओर नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की और हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के गगनभेदी जयकारे गूंजने लगे। श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर बाल गोपाल का स्वागत किया, उन्हें पालने (झूले) में झुलाया और छप्पन भोग लगाकर विशेष महाआरती की। ढोल-मंजीरों की थाप पर सनातन धर्म की इस पावन वेला में महिलाएं, युवा और बच्चे भजनों पर मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। आचार्य श्री हरिओम महाराज जी ने सनातन धर्म पर संदेश देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। वे केवल एक अवतार नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जीवन को सही दिशा देने वाले जगद्गुरु और आदर्श हैं। उनकी शिक्षाएं आज के युग में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।
इस पावन धार्मिक उत्सव में साहू समाज और सनातन धर्मावलंबियों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से घनश्याम साहू (अध्यक्ष, सलाहकार मंडल, साहू समाज),सुरेंद्र साहू (संयोजक), विवेक साहू (प्रदेश मीडिया प्रभारी, म.प्र. तैलिक साहू सभा),संतोष साहू, विजय साहू, जगदीश साहू, सुनील साहू, दीपक साहू,जगदीश साहू जे.पी. जितेंद्र साहू, इंद्रजीत साहू, कैलाश साहू, मयंक साहू, पिंटू साहू, मनोहर साहू सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित रहकर भगवान बाल गोपाल के दर्शन किए और आरती का पुण्य लाभ अर्जित किया। यह भव्य आयोजन भोपाल में सनातन चेतना और सामाजिक समरसता का एक अनुपम उदाहरण बन गया है।
