20 अरब डॉलर की तीन-चरणीय योजना पेश
NASA ने चांद पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी स्थापित करने के लिए 20 अरब डॉलर की महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। यह योजना एजेंसी के महत्वाकांक्षी Artemis Program का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चांद पर दीर्घकालिक मानव बस्ती बसाना और भविष्य के डीप-स्पेस मिशनों के लिए आधार तैयार करना है।
NASA के अनुसार, इस परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके तहत रोबोटिक लैंडर, विशेष ड्रोन, लूनर रोवर और चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास स्थायी आवास विकसित किए जाएंगे। एजेंसी का लक्ष्य वर्ष 2028 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारना है।
2029 तक 25 मिशन की तैयारी
NASA ने बताया कि वर्ष 2029 तक रोबोटिक मिशनों की एक विस्तृत श्रृंखला शुरू की जाएगी। इन मिशनों का उद्देश्य चांद के दक्षिणी ध्रुव की खोज करना, नई तकनीकों का परीक्षण करना और भविष्य के मानव मिशनों के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा तैयार करना है।
एजेंसी कुल 25 मिशन संचालित करने की योजना बना रही है, जिनमें 21 चंद्र लैंडिंग शामिल होंगी। NASA का मानना है कि चांद के दक्षिणी ध्रुव में पानी की बर्फ मिलने की संभावना है, जो भविष्य में मानव जीवन और ईंधन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
‘मूनफॉल’ ड्रोन और रोबोटिक वाहन होंगे तैनात
परियोजना के पहले चरण में ऑटोनॉमस लूनर टेरेन व्हीकल, रोबोटिक कार्गो सिस्टम और चार विशेष “मूनफॉल” ड्रोन तैनात किए जाएंगे। ये ड्रोन कठिन और अंधेरे क्रेटरों में पहुंचकर वहां की सतह का अध्ययन करेंगे।
इन ड्रोन को Ingenuity से प्रेरित होकर विकसित किया जा रहा है। इनका काम खतरनाक क्षेत्रों का मानचित्र तैयार करना और भविष्य के बेस निर्माण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करना होगा।
निजी कंपनियों के साथ बड़े समझौते
NASA ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कई निजी अंतरिक्ष कंपनियों के साथ समझौते किए हैं।
Blue Origin को चांद की सतह पर उपकरण पहुंचाने के लिए कार्गो लैंडर विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं Astrolab और Lunar Outpost चांद पर चलने वाले विशेष रोवर तैयार कर रही हैं।
इसके अलावा Firefly Aerospace को “मूनफॉल” ड्रोन तैनात करने में सक्षम अंतरिक्ष यान विकसित करने का कार्य सौंपा गया है।
NASA ने जानकारी दी कि एस्ट्रोलैब को लूनर टेरेन व्हीकल के निर्माण और डिलीवरी के लिए 219 मिलियन डॉलर, जबकि लूनर आउटपोस्ट को 220 मिलियन डॉलर का अनुबंध दिया गया है। ब्लू ओरिजिन को बिना चालक वाले कार्गो लैंडर “मार्क-1” के जरिए रोवर चांद तक पहुंचाने के लिए 188 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
चांद पर बनेंगे पावर ग्रिड और आवास
NASA के अनुसार, भविष्य में चंद्र बेस में बिजली आपूर्ति प्रणाली, संचार नेटवर्क, गतिशीलता प्रणाली और अर्ध-स्थायी आवास मॉड्यूल स्थापित किए जाएंगे। इन्हें इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि अंतरिक्ष यात्री लंबे समय तक चांद पर सुरक्षित रह सकें।
एजेंसी का लक्ष्य 2030 के दशक की शुरुआत तक छोटे मिशनों से आगे बढ़कर चांद पर लगातार मानव संचालन शुरू करना है। NASA का मानना है कि यह परियोजना न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान में नया अध्याय खोलेगी, बल्कि भविष्य में मंगल ग्रह और उससे आगे के मिशनों का रास्ता भी तैयार करेगी।

