डीजल पर निर्यात शुल्क 8.50 से बढ़ाकर 11.50 रुपये प्रति लीटर, एटीएफ पर अब 11 रुपये शुल्क
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क घटाकर शून्य कर दिया है। वहीं, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात पर शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। वित्त मंत्रालय की ओर से शनिवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर निर्यात शुल्क 2.50 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। इसके विपरीत, डीजल पर शुल्क 3 रुपये और एटीएफ पर 50 पैसे प्रति लीटर बढ़ाया गया है।
संशोधित दरों के तहत डीजल के निर्यात पर अब 11.50 रुपये प्रति लीटर शुल्क देना होगा, जो पहले 8.50 रुपये था। इसी तरह, एटीएफ पर निर्यात शुल्क 10.50 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
हर 15 दिन में होती है समीक्षा
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने मार्च के अंत में पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर शुल्क लागू किए थे। इन शुल्कों की समीक्षा हर 15 दिन में की जाती है, ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने की स्थिति में रिफाइनर घरेलू बाजार के बजाय निर्यात को अधिक प्राथमिकता न दें।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखना और वैश्विक बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देना है।
