दिलीप वर्मा/मंडलेश्वर। रामघाट मंडलेश्वर की जगमग अब हर अमावस्या और पूर्णिमा को और बढ़ने लगी है माँ नर्मदा आरती मंडल ओर नगर परिषद के सामूहिक प्रयास को नगर की जनता ने अपनी उपस्थिति से मंजूरी दी। पहली बार गंगा दशमी पर आयोजित महाआरती की सफलता के बाद एक बार फिर नर्मदा घाट पर भक्ति की निर्मल बयार बही। रविवार को रात्रि साढ़े सात बजे विगत 31 वर्षो से चली आ रही नर्मदा आरती के परम्परागत समय पर ही शुरू की गई।दूसरी महाआरती के यजमान नगर परिषद अध्यक्ष विश्वदीप मोयदे और उनका परिवार था।
विश्वदीप मोयदे ने बताया कि जेष्ठ माह के अधिक मास की पूर्णिमा का अदभुद संयोग धार्मिक आयोजन को और प्रभावी बनाता है पुरुषोत्तम मास में किए गए पूजा पाठ का फल भी अधिक होता है। इस तरह हर पूर्णिमा और अमावस्या पर आयोजित होने वाली महाआरती में आम जन को जोड़ने का सफल प्रयास किया गया है हम इसमें नगर के हर नागरिक को शामिल कर समरसता का संदेश दे रहे है।दूसरी महाआरती के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को पहले से बेहतर बनाने के लिए पुलिस थाना मंडलेश्वर ने नर्मदा घाट पर ट्रैफिक व्यवस्था संभाली नगर परिषद द्वारा साफ सफाई और लायटिंग व्यवस्था भी प्रसंशनीय रही।इस बार महाआरती में शिव जी की आरती नर्मदा अष्टक नर्मदा आरती के साथ भैरवनाथ की आरती भी की गई।
पंडित श्री शुभम जोशी,माँ नर्मदा आरती मंडल के मुकेश श्रीवास,संतोष चौहान,प्रदीप ठक्कर,राजेंद्र चौहान,संजीव राठौड़,गणेश मामा पाटीदार,अमित कानूनगो,पवन तवर,बबलू श्रीवास,मनीष पाटीदार,जीतू केवट,आकाश वर्मा,कुंदन केवट,संजय कलोसिया आदि मौजूद रहे!

