दिलीप वर्मा/मंडलेश्वर। जो व्यक्ति श्रीमद भागवत कथा से जुड़ जाता है उस पर हमेशा माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है वह कभी दरिद्र नहीं रहता।उक्त प्रेरक उदगार पंडित उमाशंकर पुराणिक (देवास) ने पवित्र नगरी मंडलेश्वर के राम घाट नर्मदा तट पर स्थित माँ नर्मदा आरती मंडल आश्रम में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में व्यासपीठ से व्यक्त किए।कथा के यजमान जुलवानिया जिला बड़वानी के पवन साहू एवं इंदौर के उत्तम साहू थे। 21 मई से शुरू हुई कथा के समापन अवसर पर कथावाचक पंडित उमाशंकर पुराणिक ने श्रीमद भागवत का सरल अनुवाद करते हुए बताया कि श्री का मतलब होता है लक्ष्मी जो भागवत कथा से जुड़ता है उसे लक्ष्मी कि कृपा मिलती है। मद का मतलब होता है घमंड जो भागवत कथा से जुड़ता है उसका घमंड दूर हो जाता है।
भागवत का अर्थ है जो भक्ति मार्ग पर चलने लगे उसे ज्ञान मिलेगा उसे वैराग्य मिलेगा अर्थात उसकी इच्छाओ वासनाओं का दमन होगा और वह भव सागर से तर जाएगा और उसे अंत में भगवान के श्री चरणों में स्थान मिलता है।भागवत कथा के समापन अवसर पर यजमान पवन साहू और उत्तम साहू ने कथा वाचक का सम्मान किया इसके बाद माधुरी प्रेम नारायण साहू, नंदिनी अनिल साहू लीना प्रमोद साहू अरुणा संतोष चौहान ने श्रीमद भागवत जी की आरती की।इस अवसर पर मंडलेश्वर, जुलवानिया और इंदौर के भक्त गण उपस्थित रहे।
